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तà¥à¤°à¤‚त मिले इलाज तो लकवा हो सकता है बिलà¥à¤•à¥à¤² ठीक
अगर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, बà¥à¤°à¥‡à¤¨ अटैक या लकवा मार जाठतो उस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठशà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ साढ़े 4 घंटे बेहद अहम होते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अगर इस 4 घंटे के अंदर उसे इलाज मिल जाठतो वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पूरी तरह से ठीक हो सकता है। जितनी देर होगी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ेंगी।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने पर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 4 घंटे हैं सबसे अहम
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• यानी लकवा à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जिसमें मरीज का मà¥à¤‚ह तिरछा हो जाता है, हाथ बेजान हो जाते हैं। जà¥à¤¬à¤¾à¤¨ लड़खड़ाने लगती है या आवाज पूरी तरह चली जाती है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर समय रहते इलाज न मिले तो परिणाम घातक हो सकते हैं, लेकिन सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में इसका इलाज ही नहीं है। यहां सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• यूनिट तक नहीं है। जहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° हैं, वहां सिटी सà¥à¤•ैन नहीं और जहां सिटी सà¥à¤•ैन की लैब है, वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° नहीं हैं। मरीजों को दिलà¥à¤²à¥€ रेफर कर दिया जाता है। इस बारे में सिविल सरà¥à¤œà¤¨ जेà¤à¤¸ पूनिया ने बताया कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, हाइपरटेंशन, बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और कैंसर के मरीजों को नॉन कमà¥à¤¯à¥‚निकेबल डिजीज (à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¡à¥€) के तहत इलाज दिया जाता है। सेकà¥à¤Ÿà¤°-10 सिविल हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के मेडिसिन वॉरà¥à¤¡ में रेड कैटिगरी के मरीजों के लिठबेड आरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ किठगठहै। जहां उनका इलाज होता है, लेकिन हकीकत में मेडिसन वॉरà¥à¤¡ की हालत खसà¥à¤¤à¤¾ है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 4 घंटे हैं सबसे अहम
पà¥à¤°à¥€-समर बोनानà¥à¤œà¤¼à¤¾ - AC, रेफà¥à¤°à¤¿à¤œà¤°à¥‡à¤Ÿà¤° और अनà¥à¤¯ पर 50% तक की छूट पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
सिविल हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के वरिषà¥à¤ फिजिशियन नवीन कà¥à¤®à¤¾à¤° बताते हैं कि अगर लकवे को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ही पहचान कर इलाज दे दिया जाà¤, तो पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ लोग सामानà¥à¤¯ जीवन जी सकते हैं। इसका असरदार इलाज मौजूद है। लकà¥à¤·à¤£ दिखने के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ साढ़े चार घंटे में इलाज शà¥à¤°à¥‚ हो जाठतो बड़े नà¥à¤•सान से बचा जा सकता है। जितनी जलà¥à¤¦à¥€ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿ खतà¥à¤® करने की दवा दे दी जाà¤à¤—ी, उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा। लकवा होने से कई बार बà¥à¤°à¥‡à¤¨ अटैक à¤à¥€ हो सकता है। खून के थकà¥à¤•े दिमाग तक बà¥à¤²à¤¡ पहà¥à¤‚चाने में रà¥à¤•ावट डालते हैं। दिमाग को ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤œà¤¨ और पोषण नहीं मिल पाता। आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¤¿à¤¸ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के नà¥à¤¯à¥‚रो इंटरवेंशन निदेशक विपà¥à¤² गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ बताते हैं कि उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, डायबीटीज और कलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° इसके पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण हैं।
लकवे का कà¥à¤¯à¤¾ है इलाज
सिविल हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के योग विशेषजà¥à¤ž à¤à¥‚देव बताते हैं कि नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• से बचा जा सकता है। पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलोम, ताड़ासन, कोणासन, गोमà¥à¤–ासन आदि नियमित करने से काफी हद तक बचाव होता है। इसके अलावा, जो लोग इसकी चपेट में आ चà¥à¤•े हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फिजियोथेरपी के साथ धीरे-धीरे अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम और गरà¥à¤¦à¤¨ और कंधे के हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने चाहिà¤à¥¤
यह है नहाने का गलत तरीका, हो सकता है बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• या लकवा
अगर आप सोचते हैं कि नहाने का सही या गलत तरीका कà¥à¤¯à¤¾ हो सकता है... जिसे जैसे मन करे वैसे नहा सकता है। अगर आपकी सोच à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ ही है तो आप गलत हैं। खाने-पीने और सोने की ही तरह नहाने का à¤à¥€ à¤à¤• सही तरीका है जिसे अगर फॉलो न किया जाठतो नहाते वकà¥à¤¤ लकवा मारने या फिर बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा बना रहता है। इस तरह की जानलेवा चीजों से बचने के लिठजानें, कà¥à¤¯à¤¾ है नहाने का सही तरीका...
बहà¥à¤¤ से लोगों को आदत होती है कि वे बाथरूम में पहà¥à¤‚चते ही सीधे शावर के नीचे खड़े हो जाते हैं या फिर बालà¥à¤Ÿà¥€ और मग से सीधे सिर पर पानी उड़ेलने लग जाते हैं। यह नहाने का पूरी तरह से गलत तरीका है और इससे ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• समेत कई दूसरे खतरे सामने आ सकते हैं।
दरअसल, हमारे शरीर में खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ ऊपर से नीचे की तरफ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आप सीधे सिर पर ठंडा पानी डालकर नहाà¤à¤‚गे तो सिर में मौजूद खून की नलिकाà¤à¤‚ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ लगेंगी या खून के थकà¥à¤•े जमने लगेंगे। इसलिठनहाते वकà¥à¤¤ सिर से पानी डालने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ न करे।
सिर पर सीधे पानी डालने से हमारा सिर ठंडा होने लगता है, जिससे हारà¥à¤Ÿ को सिर की तरफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेजी से खून à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ पड़ता है, जिससे या तो हारà¥à¤Ÿ अटैक या दिमाग की नस फटने की दिकà¥à¤•त हो सकती है।
à¤à¤¸à¥‡ में नहाने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ पैरों से करें। पैर के पंजो पर पानी डालने से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें। इसके बाद जांघ, पेट, हाथ, कंधे से होते हà¥à¤ सबसे आखिर में सिर पर पानी डालें।
इतना सब करने के बाद आप चाहें तो शावर के नीचे खड़े होकर या बालà¥à¤Ÿà¥€ से पानी सिर पर उड़ेलकर नहा सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में केवल 1 मिनट का वकà¥à¤¤ लगता है।
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